सवाल मोक्ष का हो तो अंधविश्वासी जान तक देने से नहीं चूकते. पर परदे के पीछे से इस खूनी खेल को रचने वालों के चेहरे आखिर क्यों नहीं बेनकाब होते, क्या जानना नहीं चाहेंगे.

दिल्ली के बुराड़ी इलाके के भाटिया परिवार के 11 लोगों की सामूहिक आत्महत्या की चर्चा दुनिया भर में रही, जिस में मृतकों के दिमागी दिवालिएपन व धार्मिक उन्माद की बात कम और मोक्ष पर चर्चा ज्यादा रही थी. किसी बुद्धिजीवी या चिंतक दार्शनिक ने इस बुजदिली भरे हादसे का जिम्मेदार धर्म को बताने की हिम्मत नहीं की.

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