जिस घर को बेटियां बचपन से सजातीसंवारती हैं, अपना मानती हैं, एक दिन कन्यादान के साथ ही उन को कह दिया जाता है कि अब तुम पराया धन हो, तुम दूसरे घर की हो गई हो. मातापिता के लिए अब तुम पराई हो, यह घर अब तुम्हारा नहीं. रीना ने कौल कर के मु झे गृहप्रवेश का न्यौता दिया. मैं ने सोचा, चलो वह सैटल हो गई. सैटल होने का आप का मतलब कहीं ‘शादी’ से तो नहीं. नहीं भई, उस ने अभी शादी नहीं की. ऐसा नहीं है कि उसे शादी से कोई समस्या है, कर लेगी जब करनी होगी. घर वालों की चलती तो 10 साल पहले ही उस की शादी करवा दी होती. तब तो वह कालेज में थी.

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