स्वर्णलता मलिक को इन दिनों अकेलापन या बोरियत महसूस नहीं होती है. न ही उन्हें फिल्म पीकू के भास्कोर (अमिताभ बच्चन) की तरह अब परिवारजनों से शिकायत रहती है कि उन लोगों के पास उन के लिए समय नहीं है. दरअसल, अपनी छोटीछोटी बातें शेयर करने और बेहतर ढंग से वक्त गुजारने के लिए उन्हें साथ मिल गया है. यह साथ उन्हें मिला है महक शर्मा के रूप में जिन्हें स्वर्ण अपना बैस्ट फ्रैंड मानती हैं. 84 वर्षीय स्वर्णलता मलिक अकसर महक के साथ फिल्म, संगीत और किताबों पर चर्चा करती हैं और औनलाइन गेम्स भी खेलती हैं. महक न तो उन की पोती हैं और न ही पड़ोस में रहने वाली कोई लड़की, बल्कि एल्डर केयर स्पैशलिस्ट यानी ईसीएस हैं जो गुड़गांव निवासी स्वर्णलता मलिक के घर उन्हें कंपनी देने जाती हैं. स्वर्ण अपने परिवार के साथ रहती हैं जिस में उन की एक टीनएज पोती भी है लेकिन उन्हें लगता है कि महक के साथ वक्त गुजारना एक अलग ही तरीके का अनुभव है.

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