एसिड अटैक सर्वाइवर्स के लिए जीवन हर रोज किसी हादसे से गुजरने जैसा बन जाता है. जो जुर्म करता है, उसे मुसकुराते हुए अदालत से रिहा होते देखना. फिर से तेजाब से जलाए जाने से कम दुखद अनुभव नहीं होता है. कई बार समाज उन पर ही सवाल उठाने लगता है, तो कई बार पुलिस और सरकार आरोपी के साथ खड़े नजर आते हैं. वहीं राज्य सरकार की ओर से इलाज की सुविधा और मिलने वाली आर्थिक मदद ने पीडि़ताओं में एक नए उत्साह का संचार किया है. हादसे से उबर कर खड़े होने का जज्बा पैदा किया है.

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