देश के विकास में सूचना और संचार क्रांति के योगदान को नकारा नहीं जा सकता. अब लोगों ने फेसबुक, व्हाट्सऐप और ट्विटर जैसी सोशल साइट्स के माध्यम से अपने महत्त्वपूर्ण विचारों व डौक्यूमैंट्स को आदानप्रदान का जरिया बना लिया है. ऐसे में अंधविश्वास, पोंगापंथ, झाड़फूंक व धर्म की दुकान चलाने वाले लोगों ने भी अपना ट्रैंड बदलना शुरू कर दिया है. धूर्त किस्म के बाबा सोशल साइट्स पर मौजूद करोड़ों लोगों को अपना निशाना बना कर ठगी का काम कर रहे हैं. इंटरनैट के माध्यम से ये बाबा बिना मेहनत के लोगों को गुमराह कर अपनी ठगी के जाल में फंसा रहे हैं.

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