Muslim Identity: एक चित्र सोशल मीडिया पर काफी वायरल है. यह चित्र है इस्लाम को लाने वाले मोहम्मद साहब की 41वीं पीढ़ी का वंशज बताने वाले जॉर्डन के राजा अबदुल्लाह द्वितीय और उनके परिवार का. जॉर्डन के राजा अब्दुल्लाह द्वितीय स्वयं को पैगंबर मोहम्मद के 41 वीं पीढ़ी के प्रत्यक्ष वंशज बताते हैं. यह दावा केवल पारिवारिक परंपरा पर आधारित नहीं है, बल्कि जॉर्डन के शाही दरबार और हाशमी राजवंश की आधिकारिक वंशावली का भी हिस्सा है. अब्दुल्लाह द्वितीय जिस राजघराने से आते हैं, उसे हाशमी राजवंश कहा जाता है.
"हाशमी" नाम पैगम्बर मोहम्मद के परदादा हाशिम इब्न अब्द मनाफ़ से जुड़ा है. इसी कारण इस वंश को इस्लामी इतिहास में विशेष सम्मान प्राप्त है. इस राजवंश का दावा है कि उनकी वंशावली इस प्रकार चलती है -
पैग़म्बर मोहम्मद → फ़ातिमा → इमाम हसन → हाशमी शरफ़ा → शरीफ़ हुसैन बिन अली → अब्दुल्लाह प्रथम → हुसैन → अब्दुल्लाह द्वितीय.
जॉर्डन का शाही परिवार इस वंशावली को आधिकारिक रूप से स्वीकार करता है. अनेक अरब वंशावली विशेषज्ञ भी इसे मान्यता देते हैं. हालांकि, आधुनिक इतिहासकार यह भी कहते हैं कि लगभग 1400 वर्षों पुरानी वंशावलियों का पूर्ण ऐतिहासिक सत्यापन कठिन है. इसलिए इसे मुख्यतः ऐतिहासिक वंशावली परंपरा के आधार पर स्वीकार किया जाता है.
बात यह नहीं कि अब्दुल्लाह द्वितीय मोहम्मद साहब के खानदान से ताल्लुक रखते हैं, बात यह है कि क्या वे और उनके घर की औरतें उस तरह के मुस्लिम सरीखे नजर आते हैं जैसा कि दुनिया की नजरों में एक मुसलमान का हुलिया है? नहीं. अब्दुल्लाह द्वितीय और उनका परिवार उस छवि से बिलकुल अलहदा दिखता है.
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