सवाल

मैं 15 वर्षीय किशोरी हूं. मेरी समस्या यह है कि मेरे माता पिता जब तब मुझ पर बिफरते रहते हैं. मां तो मेरी जासूसी करती लगती हैं. इसलिए मुझे उन के साथ बात करना अच्छा नहीं लगता. मैं ने 10वीं की परीक्षा दी थी, जिस में मैं फेल हो गई थी. मेरे पेरैंट्स मुझे बेवजह तनाव में रखते हैं. मैं क्या करूं?

जवाब

आप की समस्या से यह तो साफ जाहिर है कि आप के मन में अपने पेरैंट्स के लिए रिस्पैक्ट का अंशमात्र भी नहीं है. बढ़ती उम्र में अकसर पेरैंट्स बच्चों पर इसलिए भी निगरानी रखने लगते हैं कि कहीं वे बहक न जाएं, लेकिन इसे आप जासूसी कह कर अपनी मां का तिरस्कार कर रही हैं. आप सब से पहले अपना व्यवहार बदलिए, माता पिता को सम्मान का दर्जा दीजिए. उन की सुनिए, अगर वे कुछ कह रहे हैं तो एक बार मान कर देखिए, अगर उन की बात उचित नहीं लगती तो तरीके से समझा कर उन के सामने अपना मत रख सकती हैं. पेरैंट्स आप को तनाव में नहीं रख रहे आप का नकारात्मक दृष्टिकोण आप के दिमाग का संतुलन बिगाड़ रहा है, जिस से आप सहीगलत में भेद कर पाने में असमर्थ हैं.

अगर आपकी भी ऐसी ही कोई समस्या है तो हमें इस ईमेल आईडी पर भेजें submit.rachna@delhipress.biz

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