40 से 50 साल उम्र के नेताओं को युवा नेता कहा जाना बताता है कि भारतीय राजनीति में युवाओं की क्या हालत है ? इस उम्र में भी बडे राजनीतिक परिवारों के युवाओं को भले ही गंभीरता से लिया जाता हो पर सामान्य वर्ग के युवा नेता केवल शो पीस ही बने रहते है. युवाओं के देश में दशा  और दिशा तय करने का हक युवाओं को नहीं है. राजनीतिक दलों के युवा संगठनों के नेता भी फकत तमाशाई ही नजर आते है. राजनीति की मुख्यधारा में उनकी कोई पूछ नहीं है. पंचायत और निकाय चुनावों में युवा चेहरे काफी दिखते है पर मुख्य राजनीति में वह भी खो जाते है.

Tags:
COMMENT