सपा और बसपा की नीली-हरी रंग की बसों की कभी भाजपा ने आलोचना की थी. उस समय भाजपा ने सलाह दी थी कि रंग बदलने की जगह पर बसों के हालात बदले जायें जिससे सफर करने वालों को सहूलियत हो. अब जब भाजपा खुद सत्ता में है, वह अपनी सीख पर अमल करने के बजाये बसों के रंगों को बदल कर भगवा करने में लगी है.

COMMENT