राम मंदिर मसले पर राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिये भारतीय जनता पार्टी अब प्राइवेट बिल लाने की योजना में है. प्राइवेट बिल पर गैर भाजपाई दल अगर राममंदिर के समर्थन में वोट करते है तो इसे भाजपा की जीत कही जायेगी और अगर वह राम मंदिर बिल के विरोध् में जाते हैं तो इन दलों को ही आम चुनाव में हिन्दुत्व के नाम पर हाशिये पर रखा जायेगा. भाजपा के सासंद राकेश सिन्हा ने इस बात के संकेत देते हुए कहा कि अब समय आ गया है कि दूध का दूध और पानी का पानी हो जाना चाहिये. असल में भाजपा की केन्द्र सरकार पर हिन्दुत्व का भारी दबाव है.

COMMENT