महज अटकलों और अफवाहों से देश में इस कदर राजनीतिक उथलपुथल मच सकती है कि सरकारें बदल जाए, नेता जेल चले गए. बड़ा आंदोलन छिड़ जाए और न्यायपालिका को इन अटकलों के चलते दर्ज मामले में तथ्य तलाशने में आठ साल तक अपना कीमती समय जाया करना पड़े और कोई भी व्यक्ति किसी के खिलाफ केवल अनुमान के आधार पर मामला दर्ज करा कर शासन, प्रशासन और अदालत का समय बर्बाद करा सकता है. 2 जी स्पैक्ट्रम नाम के घोटाले में ऐसा ही हुआ है.

Tags:
COMMENT