मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एक परेशानी या झंझट से मुक्त होकर चैन की सांस और नींद भी नहीं ले पाते कि तुरंत दूसरी आफत आ खड़ी होती है. उनकी नई परेशानी का नाम मेधा पाटकर जो किसी पहचान का मोहताज नहीं जिनके मोहताज अब शिवराज सिंह होते नजर आ रहे हैं. नर्मदा बचाओ आंदोलन की मुखिया मशहूर समाज सेविका मेधा पाटकर निमाड अंचल के बड़बानी जिले के गांव चिखल्दा में अब से 12 दिन पहले आमरण अनशन पर बैठी थीं पर लगातार गिरते सेहत से वे अब बैठ भी नहीं पा रहीं थीं इसलिए लगभग अचेतावस्था में जमीन पर दरी बिछाकर लेटी रहीं. उन्हें ऐसी ही हालत में पुलिस गिरफ्तार कर ले गई.

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