चुनावी मौसम में राफेल का भूत मोदी-सरकार का पीछा नहीं छोड़ रहा है. आए-दिन कोई न कोई खुलासा मीडिया की सुर्खियों में आ ही जाता है और प्रधानमंत्री मोदी सहित उनके कैबिनेट के वरिष्ठ मंत्रियों के पैरों तले धरती डगमगाने लगती है. राफेल लड़ाकू विमान सौदे को लोकसभा चुनाव-2019 जीतने के लिए हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही भाजपा अब राफेल पर कोई बात नहीं करना चाह रही है. न नरेंद्र मोदी और न ही भाजपा कोई नेता चुनाव प्रचार के दौरान मंच से दिये भाषण में राफेल का जिक्र कर रहा है, सब इस पर मिट्टी डालना चाहते हैं, मगर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी राफेल को जिन्दा रखना चाहते हैं, उसकी हकीकत हर हाल में सामने लाना चाहते हैं. हालांकि इस चक्कर में वह कभी-कभी ये भूल जाते हैं कि इस मामले में मंच से बोलने की सीमा क्या होनी चाहिए और यही वजह है कि हाल ही में वह ऐसी बात बोल गये, जिससे सुप्रीम कोर्ट की अवमानना की तलवार उनकी गर्दन पर आन पड़ी है.

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