BJP Government: देश में छोटा परिवार लेकिन मध्यप्रदेश में हम दो हमारे चार. पूरे देश में जनसंख्या की रफ्तार घट रही है लेकिन मध्यप्रदेश में उलटी गंगा बह रही है. एसआरएस 2024 की रिपोर्ट चौंकाने वाली है. चौथे या उस से ज्यादा बच्चे पैदा करने में मध्यप्रदेश नंबर वन राज्य बन गया है. क्या यह डबल इंजन सरकार की नाकामी नहीं है?

एसआरएस 2024 की रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है. पूरे देश में लोग छोटे परिवार की ओर बढ़ रहे हैं. चौथे या उस से ज्यादा बच्चे पैदा करने का प्रतिशत घट कर सिर्फ 3.5 रह गया है लेकिन मध्य प्रदेश में यह आंकड़ा 6.5 पर बना हुआ है. यानी, देश में नंबर वन. मध्यप्रदेश की तसवीर हम दो, हमारे दो की नहीं, बल्कि हम दो, हमारे चार वाली है.

केंद्र में और प्रदेश में दोनों जगह भाजपा की सरकारें हैं. इसे डबल इंजन सरकार कहते हैं. लेकिन इस डबल इंजन की गाड़ी जनसंख्या नियंत्रण, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के रास्ते पर नहीं, सिर्फ राजनीति की पटरी पर चलती नजर आ रही है. चुनावों में बड़ेबड़े भाषण दिए जाते हैं. बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, सबका साथ, सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत जैसे शिगुफे छोड़े जाते हैं लेकिन जब बात परिवार नियोजन की आती है तो डबल इंजन की सरकार निकम्मी साबित होती है.

जिस राज्य में आज भी चौथेपांचवें बच्चे पैदा हो रहे हैं, वहां मां के स्वास्थ्य की चिंता कौन करेगा, बच्चे का पोषण कैसे होगा, स्कूलकालेज की पढ़ाई का बोझ कौन उठाएगा? जनसंख्या बढ़ने से परिवार, समाज और राष्ट्र सब पर बोझ बढ़ता है. इस से गरीबी का चक्र चलता रहता है. देश के बाकी राज्यों में लोग समझ रहे हैं कि छोटा परिवार ही सुखी परिवार है लेकिन डबल इंजन वाली सरकार के राज में स्थिति उलटी है. क्या विकास के नाम पर सिर्फ मंदिरमसजिद काफी हैं? क्या सरकार के पास जनसंख्या संतुलन, शिक्षा और स्वास्थ्य पर कोई ठोस योजना है?

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