अपनी योजनाओं के सही परिणाम न दे सकने वाले मोदी अब हिन्दुत्व के एजेंडे के दबाव में फंस गये हैं. विकास के मौडल की बात कर प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी अपनी योजनाओं से जनता को लुभाने में कारगर नहीं हुये.

खासकर नोटबंदी, जीएसटी, बेरोजगारी और मंहगाई के मुद्दे पर केन्द्र सरकार जिस तरह से फेल हुई उसके बाद हिन्दुवादी संगठन मोदी के विकास मौडल पर भारी पड गये. इसकी वजह से 2014 के मोदी का विकास मौडल 2019 में राममंदिर मौडल में बदल गया. राममंदिर आन्दोलन का श्रेय लेने के लिये शिवसेना, अखिल भारत हिन्दू महासभा, विश्व हिन्दू परिषद और भाजपा आपस में ही टकरा रहे हैं .हिन्दुत्व के सामने लाचार प्रधनमंत्री मोदी मजबूरन इस रस्साकशी को देख रहे हैं.

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