मेंथा यानि पिपरमिंट की खेती बड़े पैमाने पर किसान कर रहे हैं. यह कैश क्राप है. उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले से शुरू हुई मेंथा की खेती अब आसपास के किसानों को बड़ी तेजी से पसंद आती जा रही है. जैसे जैसे किसान मेंथा की तरफ बढ़ रहे हैं मेंथा की कीमत भी घटती जा रही है. मेंथा की खेती में पानी और मेहनत की बड़ी जरूरत होती है. पिछली कुछ फसलों से मेंथा की कीमत अपनी जगह स्थिर हो गई है. ऐसे में अब मेंथा के किसान भी परेशान है. बाराबंकी की सांसद प्रियंका सिंह रावत अब इन किसानों के मुद्दों को पूरे तथ्यों के साथ संसद में उठाने की तैयारी में है. जिससे मेंथा किसानों को उनकी मेहनत का लाभ मिल सके.

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