आम आदमी पार्टी की दिल्ली में 28 सीटों पर जीत भारतीय लोकतंत्र की बेहद रोचक, ऐतिहासिक और क्रांतिकारी घटना है. अरसे बाद नेता जनता से खौफ खाते दिख रहे हैं. आम आदमियों के जन आंदोलन से राजनीतिक पार्टी के गठन और फिर चुनाव तक के सफर के नतीजे में जहां दिल्ली की सत्ता पलटी वहीं आम आदमी को अपनी घुटी और खोई आवाज वापस मिली. साल के आखिर में ‘आप’ और ‘आम’ खास बन कर राजनीति के पन्नों पर नया अध्याय लिख रहे हैं, पढि़ए जगदीश पंवार का यह विशेष लेख.

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