देश की राजनीति में ऐतिहासिक बदलाव के साथ दिल्ली में आई ‘आप’ की सरकार 49 दिनों में ही भ्रष्ट और निकम्मी व्यवस्था की बलि चढ़ गई. सरकार बनते ही अरविंद केजरीवाल की आक्रामक कार्यशैली से घबराए भाजपा व कांग्रेस ने इस बार संविधान और नियमकानूनों की आड़ में उम्मीदों से भरी आम आदमी पार्टी की सरकार को लील लिया. पेश है जगदीश पंवार का यह विश्लेषण.

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