जो भाजपा सत्ता के बाहर रहते हुये विरोधी दलों के नेताओं को चूडियां और साडी भेंट कर अपना विरोध प्रदर्शन करती थी उसे आज दलित संगठनों के अपने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के लिये गुजरात से आया साबुन भेंट करना पंसद नहीं है. इन लोगों को उत्तर प्रदेश में प्रवेश से पहले झांसी से ही वापस भेज दिया गया और राजधानी लखनऊ में होने वाली विचार गोष्ठी को कैसिंल करा कर आयोजको गिरफ्तार कर लिया. अभिव्यक्ति की आजादी की दुहाई देने वाली भाजपा अब खुद इसकी राह का रोडा बन गई है.

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