आज अधिकतर लोगों के लिए बढ़ते वजन को कम करना एक चुनौती है. खराब दिनचर्या और अनहैल्दी डाइट के कारण लोगों में मोटापा की शिकायतें अधिक हो गई हैं. ऐसे में लोगों के मन में हमेशा ये सवाल रहता है कि मोटापे को कम करने के लिए क्या ठीक होगा? डाइटिंग या एक्सरसाइज? इस खबर में हम आपको इसी सवाल का जवाब देंगे.

कई स्टडीज में ये बात उभर कर आई कि वजन पर होने वाले असर में डाइट का योगदान बेहद अहम होता है. जो भी हम खाते हैं उससे हमारे शरीर को कैलोरीज मिलती हैं. अगर हम जरूरत से अधिक कैलोरीज का सेवन करते हैं तो हमारा वजन बढ़ता है. इस लिए जरूरी है कि हम अपनी डाइट पर खासा ध्यान दें और जरूरत के हिसाब ही खाना खाएं.

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जानकारों की माने तो हमारे शरीर में एनर्जी तीन तरह से खर्च होती हैं. बेसल मेटाबौलिक रेट, फूड का ब्रेक होना और फिजिकल एक्टिविटी.

शरीर की जरूरतों के अनुरूप जितनी उर्जा शरीर को चाहिए उसे हम बेसल मेटाबौलिक रेट कहते हैं. आपको बता दें कि शरीर द्वारा उत्पन्न होने वाली 60 से 80 फीसदी एनर्जी शरीर के बेसल मेटाबौलिक रेट द्वारा इस्तेमाल होती हैं.

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इसके अलावा 10 फीसदी कैलोरी का इस्तेमाल खाने को डाइजेस्ट करने के लिए होता है. इसका मतलब ये है कि फिजिकल एक्टिविटी में हमारी कैलोरीज का 10 से 30 फीसदी हिस्सा ही बर्न होता है. इसमें वौकिंग, रनिंग और एक्सरसाइज शामिल हैं.

सेहतमंद रहने के लिए जरूरी है कि आप रोजाना एक्सरसाइज भी करें. वजन कम करने के लिए एक्सरसाइज के साथ साथ साथ डाइट पर भी अच्छा खासा ध्यान देना बेहद जरूरी है. अच्छी सेहत के लिए दोनों ही अहम हैं.

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