कनछेदी लाल घर से निकले तो देखा राहुल भैया की दुकान के बाहर भीड़ लगी हुई है . उत्सुक भाव से कनछेदी लाल भीड़ में घुस गए .ऐसा मौका कनछेदीलाल कभी नहीं चूकते .जहां मजमा लगा हो, वह समझ जाते हैं कि कोई बे पैसे का तमाशा है, सो तमाशबीन बन पहली पंक्ति में आकर खड़ा हो जाना उनकी पैदाइशी फितरत है. सो कनछेदी लाल धक्का-मुक्की करते आगे पहुंच गए.

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