यह हमारा साइकोलौजिकल डाटा था. सारे का सारा उन्होंने चुरा लिया. सिर्फ चुराया ही नहीं, उस का राजनीतिक इस्तेमाल भी किया. वो भारत आएं, तो हम उन से पूछेंगे कि क्या मिला उन्हें हमारा डाटा उड़ा कर? इस डाटा में यों समझिए कि हमारी जिंदगी की पूरी कहानी दर्ज थी. आप को भी इस डाटाचोरी के दर्द का एहसास हो सके, इस के लिए शब्द दर शब्द यहां पेश हैं (इसे छिपाने का अब कोई फायदा नहीं, पहले से ही उड़ाया जा चुका है) :

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