‘मैं ने पहले ही कहा था, चुनाव मत लड़ो, मत लड़ो, लेकिन आप मानते कहां हैं. आप ने तो सलाह नहीं मानने की कसम खा रखी है. 5 लाख रुपए पानी में बह गए. रुपया कीमती होता जा रहा है. भले ही डौलर के मुकाबले उस की साख गिरतीबढ़ती जा रही है. इसे देश का वित्तमंत्री जाने. हमारे लिए तो रुपए की
साख बनी हुई है. इतने रुपयों में बेटी के लिए अच्छेखासे गहने आ जाते.

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