स्वस्थ जिंदगी जीने के लिए लगभग हर व्यक्ति के लिए व्यायाम करना जरूरी है. ‘मेरी जिम जाने की चाहत है लेकिन क्या करूं, समय ही नहीं मिलता.’ यह बात आमतौर पर सुनने में आती है. लेकिन अपने शरीर की सुडौलता बरकरार रखने के साथ जिंदगीभर स्वस्थ रहने के लिए अपनी व्यस्त जीवनशैली से थोड़ा समय अपने लिए अवश्य निकालें.

आज महिला को कैरियर, घरगृहस्थी, प्रसव, प्रसूति, बच्चों को पढ़ाने के अलावा सामाजिक जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं. इन सब के लिए उस का स्वस्थ रहना बहुत जरूरी है और स्वस्थ रहने के लिए पौष्टिक खानपान के साथ व्यायाम यानी ऐक्सरसाइज करना जरूरी है.

हर पुरुष व महिला के स्वास्थ्य, जीवनपद्धति, काम, व्यवसाय, उम्र आदि चीजों को ध्यान में रख कर ऐक्सरसाइज की रूपरेखा तय करनी होती है. किसी एक को बताई गई ऐक्सरसाइज, दूसरे को भी सूट करेगी, ऐसा जरूरी नहीं है. रनिंग, वेट ट्रेनिंग, स्विमिंग, कोई खेल खेलने, डांस करने में से कोई भी प्रकार हमें जिंदगीभर के लिए स्वस्थ रख सकता है. व्यायाम करते वक्त ये चीजें ध्यान में रखनी चाहिए.

हृदय व फेफड़ों की क्षमता : हमारे स्नायु और पेशी की मांग के अनुसार पोषणमूल्य व प्राणवायु मुहैया करने का काम हृदय और फेफड़े करते हैं. जैसे दौड़ते वक्त आप के पांव तक खून पहुंचना चाहिए, प्राणवायु पूर्ति होनी चाहिए, स्नायु का काम बढ़ने से निर्माण हुए लैक्टिक एसिड की आपूर्ति भी होनी चाहिए.

स्नायु की ताकत : स्नायु या स्नायु के समूह के एक ही झटके से लगाया हुआ जोर यानी स्नायु की ताकत.

स्नायु की क्षमता : वेट ट्रेनिंग करते वक्त यह क्षमता बढ़ती है.

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