इस बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति को सनक वाले खयाल आते हैं और वह अपने इस व्यवहार पर नियंत्रण नहीं रख पाता, न ही स्थिर रह पाता है. जैसे कि बारबार यह सुनिश्चित करता कि घर से निकलते वक्त दरवाजा ठीक से बंद किया था या नहीं, गैस की नौब कहीं खुली तो नहीं रह गई. कहीं आग लग गई या घर में चोर घुस गए तो, जैसे खयाल उसे परेशान करते रहते हैं. इसी दुविधा के चलते वह एक ही काम को कई बार करता है. किसी चीज को छूने के बाद बारबार हाथ धोना जब तक कि वह लाल न हो जाए. ये ओसीडी के लक्षण हो सकते हैं.

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