जब से भारत और पाकिस्तान की क्रिकेट टीमें बनी हैं तब से ले कर आज तक इन टीमों  में राजनीति हावी रही है. कभी राजनीतिबाज क्रिकेट के जरिए दोनों मुल्कों के बीच संबंध सुधारने की बात करने लगते हैं तो कभी किसी भारतीय खिलाड़ी द्वारा पाकिस्तानी खिलाड़ी से शादी रचा लेने पर मधुर संबंधों की बात होने लगती है. पर प्रश्न यह उठता है कि क्या इस से दोनों मुल्कों के बीच संबंध सुधर पाएंगे? शायद नहीं, पर राजनेताओं को तो राजनीति करनी है और खेल संघों में राजनेताओं की दखलंदाजी कुछ ज्यादा ही है. इसलिए वे क्रिकेट के जरिए खुल कर राजनीति करते हैं और खिलाड़ी इन के हाथ की कठपुतली बन कर रह जाते हैं.

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