‘‘माता पिता की बद्दुआ का उनके बच्चों पर असर होता है...’’ की बात करने वाली यह एक शापित व दुःखद प्रेम कथा है. उपरी दृष्टिकोण से फिल्म के कथानक मे कोई नवीनता नहीं है. ‘सनम तेरी कसम’ देखते समय बीच बीच में दर्शकों को टीवी सीरियल ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’ के अलावा ‘कट्टी बट्टी’ या ‘अॅंखियों के झरोखे से’ जैसी कुछ फिल्मों की याद आ सकती है. मगर फिल्म के लेखक व निर्देशकद्वय राधिका राव व विनय सप्रू का कहानी को बयां करने का अंदाज नया है.

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