मजहब कोई भी हो, चमत्कार और पाखंड की दुकान सजाए व ऐयाशी का लिबास पहने धर्मगुरु हर जगह मौजूद हैं. फिर चाहे वह कश्मीर का तथाकथित फकीर गुलजार बट ही क्यों न हो, जिस का मकसद धर्म की आड़ में औरतों के जिस्म से खेलना था. पढि़ए खुरशीद आलम की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट.

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