जनता पर एक बार फिर से महंगाई की गाज गिर सकती है. मीडिया में आईं खबरो के मुताबिक सरकार अगले सप्ताह घरेलू प्राकृतिक गैस की कीमत बढ़ाकर दो साल के ऊपरी स्तर पर ले जा सकती है. अगर ऐसा होता है तो गैस की कीमत बढ़ने से सीएनजी, पीएनजी, बिजली और यूरिया की कीमतें भी बढ़ जाएंगी. सूत्रों के मुताबिक घरेलू गैस फील्ड की प्राकृतिक गैस को दी जाने वाली कीमत को मौजूदा 2.89 डालर प्रति इकाई से बढ़ाकर एक अप्रैल से 3.06 डालर किया जा सकता है.

इससे पहले सरकार ने अक्टूबर 2017 से मार्च 2018 के लिए गैस कीमत को बढ़ाकर 2.89 डालर प्रति एमबीटीयू किया था. यह दर पूर्व छह महीने के लिए 2.48 डालर थी. इसी तरह आलोच्य अवधि की वृद्धि बीते तीन साल में पहली बढ़ोतरी रही.

कई उपभोक्ता वस्तुएं होंगी महंगी

घरेलू उत्पादित प्राकृतिक गैस के दाम बढ़ने से जहां ओएनजीसी व रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसी उत्पादक कंपनियों की आय बढ़ेगी. गैस मूल्य में हाने वाली हर एक डालर की वृद्धि की एवज में ओएनजीसी को सालाना 4,000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी. वहीं इससे सीएनजी और पीएनजी के लिए कच्चा माल महंगा हो जाएगा. इससे बिजली उत्पादन और उर्वरक तथा पेट्रोकेमिकल के लिए फीडस्टौक लागत भी बढ़ जाएगी. इसका मतलब यह है कि ये चीजें महंगी हो जाएंगी.

बता दें कि अमेरिका, रूस व कनाडा जैसे गैस अधिशेष देशों के औसत मूल्य के आधार प्राकृतिक गैस के दाम हर छह महीने में तय होते हैं. भारत अपनी आधी गैस आयात करता है जिसकी लागत उसकी घरेलू दर से दोगुने से भी अधिक है. सूत्रों ने कहा कि 3.06 डालर प्रति एमबीटीयू की दर एक अप्रैल से छह महीने के लिए लागू होगी. यह दर अप्रैल सितंबर 2016 के बाद की उच्चतम होगी.

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