गत माह मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश के बाद ‘क्रियाज इंटरटेनमेंट’ की प्रेरणा अरोड़ा का फिल्म ‘परमाणु’ पर हक बरकरार रहा था. मगर प्रेरणा अरोड़ा की कंपनी ‘‘क्रियाज इंटरटेनमेंट’’ मुंबई उच्च न्यायालय के आदेश को पूरा करने में पूरी तरह से विफल रही, जिसके चलते पिछले तीन दिन से इस मसले पर पुनः मुंबई उच्च न्यायालय में सुनवाई चल रही थी.

अब जौन अब्राहम की प्रोडक्शन कंपनी ‘जे ए इंटरटेनमेंट’ की प्रवक्ता मीनाक्षी दास ने पत्रकारों को ईमेल भेजकर कहा है कि फिल्म ‘‘परमाणु: द स्टोरी आफ पोखरन’’ आगामी 25 मई को ‘जे ए इंटरटेनमेंट’, ‘जी स्टूडियो’ और क्याटा प्रोडक्शन के तहत प्रदर्शित होगी.

मीनाक्षी दास ने अपने ईमेल में लिखा है-‘‘फिल्म ‘परमाणु-ए स्टोरी आफ पोखरण’ को लेकर मुंबई उच्च न्यायालय में चल रही सुनवाई के बाद निम्न निर्णय हुए हैं…

  1. फिल्म ‘‘परमाणु: द स्टोरी आफ पोखरन’’ आगामी 25 मई को ‘जे ए इंटरटेनमेंट’, ‘जी स्टूडियो’ और क्याटा प्रोडक्शन के तहत प्रदर्शित होगी.
  2. इनके अलावा कोई दूसरा निर्माता इस फिल्म के साथ नहीं जुड़ा है.
  3. फिल्म का ट्रेलर, आज 11 मई को ‘‘पोखरण’’ में हुए भारत के पहले सफल न्यूकलियर परीक्षण के बीस वर्ष पूरे होने पर जारी होगा.
  4. भारत में फिल्म का वितरण वासु भगनानी की कंपनी ‘पूजा इंटरटेनमेंट’ और विदेशों में जी स्टूडियो करेगा.

हम माननीय मुंबई उच्च न्यायालय के आभारी हैं कि उन्होंने तेजी से इस मसले पर सुनवाई कर हमारी फिल्म के प्रदर्शन का रास्ता साफ किया. अब हम कुछ भी कहने की बजाय अपना सारा ध्यान फिल्म को सही ढंग से दर्शकों तक पहुंचाने में लगाना चाहते हैं.

‘जे ए इंटरटेनमेंट’ के प्रवक्ता के उपरोक्त बयान पर ध्यान दिया जाए, तो यह बात साफ हो जाती है कि प्रेरणा अरोड़ा की कंपनी  ‘क्रियाज क्रिएशंस’, फिल्म ‘‘परमाणु : ए स्टोरी आफ पोखरण’’ पर से अपना हक खो चुकी है.

आगे की कहानी पढ़ने के लिए सब्सक्राइब करें

डिजिटल

(1 साल)
USD99USD49
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
 

डिजिटल + 24 प्रिंट मैगजीन

(1 साल)
USD150USD129
 
सब्सक्राइब करें

सरिता सब्सक्रिप्शन से जुड़ेें और पाएं

  • सरिता मैगजीन का सारा कंटेंट
  • देश विदेश के राजनैतिक मुद्दे
  • 7000 से ज्यादा कहानियां
  • समाजिक समस्याओं पर चोट करते लेख
  • 24 प्रिंट मैगजीन
और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...