भारतीय संस्कृति में सदियों पुरानी कहावत है कि बरगद का पेड़ काफी विशाल होता है. उसकी तमाम जड़े व टहनियां होती हैं. बरगद का पेड़ लोगों को छांव देता है, मगर बरगद के पेड़ के नीचे कोई भी दूसरा पेड़ पनप नहीं पाता. खैर ये कहावत तो बहुत पुरानी है, पर इन दिनों अचानक यह कहावत एक फिल्मी परिवार के कारण याद आ रही है. यूं तो इस फिल्म परिवार का हर सदस्य सफल है. इसके बावजूद ऐसा कुछ है कि लोग बरगद के पेड़ की बातें करने लगे हैं. यह फिल्मी परिवार है आज के सर्वाधिक सफल अभिनेता सलमान खान का.

सलमान खान के परिवार में उनके दो छोटे भाई अरबाज खान व सोहेल खान भी हैं. सलमान खान व उनके यह दोनों भाई फिल्मी दुनिया से जुड़े हुए हैं. अब 23 जून को प्रदर्शित हो रही फिल्म ‘‘ट्यूबलाइट’’ में सलमान खान और उनके छोटे भाई सोहेल खान एक साथ नजर आने वाले हैं. मगर यह भी सच है कि अभिनय जगत में जो मुकाम सलमान खान को मिला है, वो अभिनय जगत में अरबाज खान व सोहेल को नहीं मिल पाया. इसके बावजूद इन तीनो भाईयों में जो प्यार, अपनापन व लगाव है, वह एक मिसाल है.

जब ‘‘ट्यूबलाइट’’ के प्रचार के ही दौरान सोहेल खान से हमारी मुलाकात हुई और हमने उनसे पूछा कि ‘‘एक कहावत है कि बरगद के पेड़ के नीचे दूसरा पौधा नहीं पनप पाता, क्या सलमान खान के ही कारण आप और अरबाज खान के अभिनय करियर को गति नही मिली?’’ हमारे इस सवाल पर सोहेल खान ने कहा - ‘‘ये कहावत तो है और ये भी सच है कि हमारे खानदान में हम तीन भाई हैं, पर पूरी दुनिया में सलमान खान एक हैं. उनके साथ अभिनय के क्षेत्र में प्रतिस्पर्धा करना हमारे लिए मुश्किल है, लेकिन प्रोडक्शन के क्षेत्र में जो कमाल अरबाज भाई ने किया है, वो सलमान भाई नहीं कर पाए. मैंने फिल्म निर्माण व निर्देशन में जो कारनामा किया है, वह सलमान भाई नहीं कर पाए. हमने इवेंट व शोज में जो ऊंचाईयां हासिल की हैं, वो सलमान भाई नहीं कर पाए. सलमान भाई ने जो अभिनय के क्षेत्र में उंचाइयां पायी हैं, उसे हम छू भी नहीं सकते. मैं यह भी मानता हूं कि पूरी दुनिया में जो सम्मान, जो प्राथमिकता कलाकार को मिलती है, वह निर्माता निर्देशक या लेखक को नहीं मिलती है. माशाअल्लाह हमें खुशी होती है कि सलमान भाई इतने बड़े हैं कि पूरे देश में उन्हें इज्जत मिलती है. सलमान भाई को पूरी दुनिया में जो सम्मान मिलता है, वह किसी को नहीं मिलता, पर हम इस बात से खुश हैं कि मुझे और अरबाज को अपने अपने क्षेत्र में कामयाबी मिली हुई है.’’

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