फिल्म ‘‘आर्टिकल 15’’के ट्रेलर के बाजार में आने के साथ ही देष का ब्राम्हण समुदाय और करणी सेना ने इस फिल्म का मुखर विरोध करना षुरू कर दिया है. आयुष्मन खुराना के अभिनय से सजी अनुभव सिन्हा की फिल्म ‘‘आर्टिकल 15’’, संविधान के अनुच्छेद 15 के इर्द घूमती है. संविधान के अनुच्छेद 15 में साफ साफ लिखा है कि राज्य,किसी नागरिक के विरूद्ध केवल धर्म,मूल वंष,जाति,लिंग,जन्म स्थान या इनमें से किसी के

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भी आधार पर विभेद नहीं करेगा. मगर फिल्म का ट्रेलर बाजार में आते ही करणी सेना व कुद ब्राम्हण संगठनों ने अनुभव सिन्हा को कई तरह की धमकियां दे डाली. कुछ ने उन्हे मारने की भी धमकी दी. लगभग एक सप्ताह की चुप्पी के बाद फिल्म ‘‘आर्टिकल 15’’के निर्माता,सह लेखक व निर्देषक अनुभव सिन्हा ने अपनी फिल्म की वजह से अपमानित महसूस करने वालों के नाम सोषल मीडिया/ ट्वीटर हैंडल पर खुला खत लिखा है. इसमें उन्होने आष्वस्त करने का प्रयास किया है कि उन्होने अपनी फिल्म में किसी भी समुदाय को गलत -सजयंग से चित्रित नहीं किया है.हम यहां पर अनुभव सिन्हा लिखित खुले खत को ज्यो का त्यों पेष कर रहे हैं.

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