जब से लाइलाज /महामारी ‘‘कोरोना वायरस’’की चपेट में भारत आया है,तब से सबसे बड़ा खामियाजा आम जनता के साथ ही फिल्म इंडस्ट्ी में कार्यरत लाखो मजदूरों को भुगतना पड़ रहा है .तमाम ज्यूनियर आर्टिस्टों, स्पाॅट ब्वाॅय,आदि के घर पर खाने के लिए कुछ नही है,पहली बात तो यह इनकी पिछली बकाया धनराषि का भुगतान इन्हे नही हुआ. जबकि 17 मार्च से ष्ूाटिंग वगैरह सारे काम बंद होने के कारण यह सभी बेरोजगार होकर अपने अपने घरों में कैद हैं और अब तो ‘लाॅक डाउन’एवम् कफ्र्यू ने भी इनकी हालत खराब कर दी है.

मगर अफसोस बौलीवुड में एक फिल्म के लिए दस करोड़ रूपए से लेकर 108 करोड़ रूपए मेहनताना लेने वाले बौलीवुड के कलाकारांे की जेबंे खाली हैं.अब तक किसी भी कलाकार ने ‘कोरोना वायरस’ के चलते घर मंे कैद आम जनता तो छोड़िए अपनी ही बिरादरी और अपनी ही इंडस्ट्ी में कार्यरत लोगों की मदद के लिए हाथ आगे नहीं बढ़ाया है.माना कि अभिनेता सनी देओल ने पचास लाख रूपए दिए हैं,मगर उन्होने बतौर संासद यह राषि अपने चुनाव क्षेत्र के लोगों के लिए दिए हैं.

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जबकि दक्षिण भारतीय कलाकार ‘कोरोना वायरस’को लेकर वीडियो जारी करने की बनिस्बत आगे बढ़कर कम से कम अपनी बिरादरी और अपनी इंडस्ट्ी से जुड़े ेलोगों की मदद के लिए खुलकर सामने आ रहे हैं.सबसे पहले दक्षिण भारतीय सुपर स्टार रजनीकांत ने अपनी तरफ से ‘‘दक्षिण भारतीय फिल्म इंडस्ट्ी के डेली वेजेस कर्मचारियों के लिए’’पचास लाख रूपए का अनुदान देने की घोषणा की.उसके बाद सूर्या, कार्थी,षिवकुमार,विजय सेतुपथी ने भी दस दस लाख रूपए दान किए.जबकि अभिनेता प्रकाष राज और पार्र्थीन ने 25 किलो वजन वाली चावल की कई बोंिरयां दी हैं.वहीं अभिनेता पवन कल्याण ने पचास लाख रूपए ‘तेलंगाना मुख्यमंत्री राहत कोष’और पचास लाख रूपए ‘आंध्र प्रदेष मुख्यमंत्री राहत कोष’में दिए हैं.इतना ही नही पवन कल्याण ने एक करोड़ रूपए ‘प्रधानमंत्री राहत कोष’में दिए हैं.

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