Crime News: 6 सितंबर, 2026 की शाम अहमदाबाद के चांदखेड़ा स्थित सीबीडी मौल से गुजरात की चर्चित लोकगायिका किंजल रबारी के कथित अपहरण की खबर ने सनसनी फैला दी. शिकायत उस के कथित पति नरसिंह उर्फ मुकेश देसाई ने दर्ज कराई थी. उस का आरोप था कि फिल्म देख कर बाहर निकलते समय कुछ लोग कारों में आए और किंजल को जबरदस्ती अपने साथ ले गए. लेकिन घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज और किंजल के सोशल मीडिया वीडियो ने इस मामले को रहस्यमय बना दिया.
सीसीटीवी फुटेज में किंजल एक कार की ओर जाती और उस में बैठती दिखाई दी. दूसरी ओर सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उस ने अपहरण से इनकार करते हुए कहा कि वह अपनी मरजी से अपने पहले पति अशोक चौधरी के पास गई है. इस तरह मुकेश की शिकायत और किंजल के दावे एकदूसरे के विपरीत थे.

किंजल का मायका राधनपुर तहसील के सीनाड गांव में है. साधारण परिवार से निकली किंजल ने बचपन में स्कूल की प्रार्थना सभाओं में भजन गाना शुरू किया था. धीरेधीरे उस की आवाज लोकगीतों, विवाह गीतों और माता के गीतों के माध्यम से लोकप्रिय हुई. उसे ‘कोयल कंठी’ गायिका के रूप में पहचान मिली.
पढ़ाई के दौरान किंजल की मुलाकात अशोक चौधरी से हुई. दोनों के बीच प्रेम संबंध बना और 2 मई, 2024 को उन्होंने हिंदू रीतिरिवाज से विवाह कर लिया. किंजल के अनुसार, उस का परिवार इस विवाह से खुश नहीं था. उस ने आरोप लगाया कि मायके पक्ष के लोगों ने उसे अशोक से अलग कर अपने घर में रखा, बाहर जाने से रोका और मोबाइल फोन भी ले लिया.

उस का यह भी दावा था कि उस पर अशोक से तलाक लेने का दबाव बनाया गया और न्यायिक काररवाई के दौरान उस की इच्छा के विरुद्ध बयान दिलवाए गए. इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी था.
बाद में किंजल और मुकेश देसाई के बीच मैत्री करार के तहत साथ रहने की बात सामने आई. किंजल का आरोप था कि उसे परिवार की ओर से मुकेश के साथ रहने के लिए मजबूर किया गया. उस ने मुकेश पर जबरदस्ती करने का भी आरोप लगाया.

इस के विपरीत मुकेश ने दावा किया कि 6 सितंबर को किंजल का अपहरण हुआ और उसे अशोक के पास ले जाया गया.

चांदखेड़ा पुलिस के अनुसार, किंजल का वीडियो और पत्र पुलिस तक पहुंचे थे, लेकिन उस का प्रत्यक्ष बयान दर्ज नहीं हुआ था, इसलिए पुलिस उस की लोकेशन तलाश रही थी. जांच का मुख्य प्रश्न यह था कि मौल में वास्तव में क्या हुआ और किंजल ने स्वतंत्र इच्छा से कार में बैठने का फैसला लिया था या किसी दबाव में ऐसा किया था.

मामले ने 7 सितंबर, 2026 को सामाजिक तनाव का रूप भी ले लिया. रिपोर्टों के अनुसार, सीनाड गांव में जांच के लिए पहुंची पुलिस पर लोगों की भीड़ ने हमला कर दिया. इस मामले में 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया. गांव में पुलिस बल बढ़ाया गया और रबारी समाज के नेताओं ने लोगों से संयम बरतने तथा टकराव से बचने की अपील की.

गुजरात में लोकगायिकाओं के प्रेम विवाह को ले कर विवाद पहले भी सामने आए हैं. आरती सांगाणी, रिद्धि राजपरा, किंजल दवे और काजल मेहरिया के मामलों में परिवारों या समाज के कुछ लोगों ने विरोध जताया, जबकि संबंधित गायिकाओं ने अपने जीवनसाथी चुनने के अधिकार का समर्थन किया.
किंजल रबारी के मामले में प्रेम विवाह, पारिवारिक विरोध, तलाक के कथित दबाव, मैत्री करार और किडनैप की शिकायत ने उस की निजी जिंदगी को सार्वजनिक विवाद बना दिया.
कथा लिखे जाने तक पुलिस के सामने मुकेश की शिकायत, सीसीटीवी फुटेज, किंजल का वीडियो और उस के पत्र मौजूद थे. मामले का निर्णायक पहलू किंजल का प्रत्यक्ष बयान तथा सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच थी. आखिरकार, सवाल केवल यह नहीं था कि किंजल किस के साथ गई, बल्कि यह भी था कि उस का निर्णय स्वतंत्र था या नहीं. Crime News

 

 

 

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