Firozabad Murder Case: बात 23 जुलाई, 2026 की है. उत्तर प्रदेश के जनपद फिरोजाबाद के मक्खनपुर थानाक्षेत्र के स्टेशन रोड पर स्थित एक बंद मकान में विधवा सरोज देवी मृत अवस्था में मिलीं. 52 वर्षीय सरोज की अपने बेटे से अनबन रहती थी, जिस की वजह से वह घर में अकेली रहती थीं. बेटा सीएचसी खैरगढ़ में तैनात था. मर्डर की इस घटना ने पूरे क्षेत्र में सनसनी फैला दी. पुलिस को शुरुआत में यह मामला रहस्यमयी हत्या और लूट का प्रतीत हुआ, लेकिन पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच आगे बढ़ाई. जांच की कडियां जोड़ीं गईं तो पता चला कि हत्या की यह वारदात कोई अचानक नहीं हुई थी, बल्कि पहले से रची गई योजना का हिस्सा थी.

पुलिस को हत्या के मुख्य आरोपी के बारे में जानकारी मिल गई. पता चला कि पड़ोसी सराफ  हनुमान ने पहले सरोज देवी के घर और उनकी दिनचर्या की पूरी जानकारी जुटाई. इस के बाद अपने आगरा के रहने वाले 2 साथियों  को साथ ले कर किराए पर कमरा लेने का बहाना बनाया. कमरा देखने के बाद आरोपी वापस चले गए.

कुछ दिन बाद एडवांस देने के बहाने सरोज देवी के घर पहुंचे वह युवकों की पहचानती थीं, इसलिए उन्होंने बिना किसी संदेह के दरवाजा खोल दिया. घर में घुसते ही आरोपियों ने सरोज देवी के सीने में नुकीली चीज घोंपकर  हत्या कर दी. वारदात को अंजाम देने के बाद घर में रखे सोनेचांदी के आभूषण और अन्य कीमती सामान ले कर वह फरार हो गए.

आरोपियों ने घटनास्थल की स्थिति ऐसी बनाई कि शुरुआती जांच में मामला केवल लूट का लगे, लेकिन पुलिस को शुरू से ही कुछ परिस्थितियां संदिग्ध लगीं.

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से मिले सुराग, आसपास के लोगों से पूछताछ, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया. धीरेधीरे जांच की कड़ियां जुड़ती गईं और संदेह कुछ लोगों पर केंद्रित हो गया. पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पूरी साजिश का पर्दाफाश हो गया. पुलिस  ने इस मामले में कई आरोपियों की पहचान की और उनकी तलाश शुरू की. बाद में पुलिस ने काररवाई करते हुए 2 आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार करने का दावा किया, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश जारी रही. गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और उन की निशानदेही पर पुलिस ने कुछ स्वर्ण आभूषण, नकदी तथा वारदात से जुड़ी अन्य वस्तुएं बरामद  करली.

पुलिस अधिकारियों ने प्रेस वार्ता में बताया इस वारदात के पीछे लालच और जल्दी अमीर बनने की चाह प्रमुख थी. आरोपियों को यह जानकारी थी कि सरोज देवी अकेली रहती हैं और उन के पास सोनेचांदी के आभूषण हैं. इसी जानकारी का फायदा उठाकर कथित रूप से पूरी योजना बनाई गई.

लंबी कहानी सत्यकथा अक्तूबर अंक में पढ़ें Firozabad Murder Case

और कहानियां पढ़ने के लिए क्लिक करें...