Modi Government: भाजपा सरकार भारत को विश्वगुरु बनाने की जिद पर है लेकिन विश्व के कई मापदंड ऐसे हैं जहाँ भारत सबसे निचले पायदान पर पहुंच गया है. अगर विश्वगुरु का मतलब किसी तरह भी नंबर पर होना है तो शायद भारत विश्वगुरु बन चुका है क्योंकि भले ही वह किसी भी मामले में ऊपर से नंबर वन न हो लेकिन कई मामलों में नीचे से नंबर वन के पायदान तक तो पहुँच ही चुका है और यह बीजेपी के पिछले 12 सालों की सबसे बड़ी उपलब्धि ही है.

भूख के मामले में भारत 2024 ग्लोबल हंगर इंडेक्स में 127 देशों में 105वें नंबर पर है. स्कोर 27.3 है जो सीरियस कैटेगरी है. 13.7 प्रतिशत आबादी कुपोषित है. 35.5 प्रतिशत बच्चे बौनेपन के शिकार हैं. 18.7 प्रतिशत बच्चे सूखापन के शिकार हैं. ये दुनिया में सबसे ज्यादा है. 2.9 प्रतिशत बच्चे 5 साल से पहले मर जाते हैं. बांग्लादेश 81वें नंबर पर है. नेपाल 68वें पर है. श्रीलंका 56वें पर है. पाकिस्तान भी 102वें पर है. हम उनसे भी नीचे हैं.

प्रेस की आजादी में भारत 180 देशों में 151वें नंबर पर है. यह रिपोर्ट 2025 वर्ल्ड प्रेस फ्रीडम इंडेक्स रिपोर्टर विदाउट बॉर्डर ने जारी किया है. 2014 में हम 140वें पर थे. आज 151वें पर हैं. प्रेस के मामले में भारत वेरी सीरियस कैटेगरी में है. रिपोर्ट कहती है भारत में मीडिया पर पूंजीपतियों का कब्जा है. पत्रकारों पर हिंसा होती है. हर साल 2 से 3 पत्रकार मारे जाते हैं. सरकारी आलोचना करने वाले को ऑनलाइन गाली, एफआईआर, जेल मिलती है.

खुशहाली में हम 143 देशों में 118वें नंबर पर हैं. वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2024 में भारत 126वें पर था. 2014 में हम 111वें पर थे. 10 साल में 7 पायदान नीचे आ गए हैं. फिनलैंड पहले नंबर पर है. पाकिस्तान भी हमसे ऊपर है.

कानून के राज में हम 2014 में 66वें पर थे. 2024 में 86वें पर आ गए हैं. वर्ल्ड जस्टिस प्रोजेक्ट कहता है भारत में अदालतें कमजोर हुई हैं. सरकार पर लगाम कम हुई है और ज्यूडिशरी में भ्रष्टाचार बढ़ा है. इंसानी आजादी में हम कैटो इंडेक्स में 2014 में 87वें पर थे. आज 110वें पर हैं. जेंडर गैप में हम 2014 में 114वें पर थे. 2025 में 131वें पर हैं. संसद में महिला 14.7 प्रतिशत से घट कर 13.8 प्रतिशत रह गई हैं. मंत्री पद पर 6.5 प्रतिशत से 5.6 प्रतिशत रह गई हैं.

लोकतंत्र में फ्रीडम हाउस ने 2014 में हमें 77 अंक दे कर फ्री देश कहा था. 2025 में 63 अंक दे कर पार्टली फ्री कहा है. मतलब आधा लोकतंत्र. ये सारे इंडेक्स एक ही बात कह रहे हैं. 2014 के बाद हर पैमाने पर भारत नीचे गया है और ऊपर सिर्फ दो चीजों में गया है. मंदिरों की संख्या में और अरबपतियों की संपत्ति में. असली सच्चाई तो यह है कि 5 किलो अनाज पर देश को जिंदा रखा गया है और बताया जा रहा है कि भारत विश्वगुरु बन गया है. क्या कोई विश्वगुरु भूख में 105वें नंबर पर होता है? क्या प्रेस में 151वे स्थान पर होता है? क्या खुशहाली में 118वे नंबर पर होता है? यह आंकड़े असल में नीचे से नंबर वन होना ही साबित करते है.

इसका कारण साफ है. जब देश में स्कूल बंद करके मंदिर बनाये जायेंगे. लैब बंद करके गौशाला बनाई जाएंगी. किताबों की जगह कावड़ और नौकरी की जगह घंटा पकड़ाया जायेगा तो देश में भूख, बेरोजगारी और गुलामी ही बढ़ेगी. मोदी सरकार ने 12 साल में भक्त पैदा किए हैं, नागरिक नहीं इसलिए भारत हर लिस्ट में नीचे से टॉप पर पहुंच गया है. Modi Government

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