Meat Shop License: आम आदमी के लिए सरकारी काम कराना आसान कभी नहीं रहा. अब तो पूरे देश पर बीजेपी शासन कर रही है जो जीरो करप्शन की बात करती है लेकिन सच यह है कि बीजेपी शासित राज्यों में नियमकानून सिर्फ कागजों पर दिखते हैं, असल में तो पैसे की ताकत चलती है. एक ऐसी ही घटना सामने आई है जो भ्रष्टाचार की सच्ची तसवीर पेश करती है.
मनोज कुमार जयपुर की एक लोकल मार्केट में चिकन शौप खोलना चाहता था. इस मार्केट में मंदिर भी था. मनोज ने अपने किसी मुसलिम परिचित जावेद के नाम से निगम में लाइसैंस के लिए आवेदन किया. नियम के तहत मंदिर के आसपास मीट शौप नहीं खुल सकती थी. प्रशासन ने लाइसैंस देने से इनकार कर दिया.
कुछ दिनों में ही कहानी बदल गई. मनोज ने अधिकारियों से संपर्क किया. उस ने 12 हजार रुपए की रिश्वत दी और अचानक नियम बदल दिए गए. लाइसैंस मिल गया और दुकान खुल गई. मंदिर के पास अब मीट की दुकान चलने लगी.
एसीबी को शिकायत मिली. ट्रैप तैयार किया गया और जयपुर नगर निगम के जोनल अफसर सुरेंद्र कुमावत को रिश्वतखोरी के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया. इसी अफसर ने मनोज से 12 हजार रुपए की घूस ले कर मीट शौप का लाइसैंस जारी किया था. यह घटना सिर्फ 12 हजार रुपए की घूसखोरी की नहीं हैं. दरअसल, बीजेपी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत का नारा देती है लेकिन ग्राउंड लैवल पर अधिकारी खुलेआम रिश्वत लेते हैं. नियम तोड़ कर पैसे कमाते हैं. यही कारण है कि कई बार मामूली से अधिकारी के घर से भी करोड़ों रुपए बरामद होते हैं. Meat Shop License





