Lucknow Kanpur Expressway: लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे यूपी का सबसे महंगा प्रोजेक्ट माना जा रहा था. 63 किलोमीटर लंबा यह 6-लेन एक्सप्रेसवे करीब 4700 करोड़ रुपये की लागत से बना. यानी एक किलोमीटर पर लगभग 75 करोड़ रुपये खर्च हुए. यूपी में अब तक बने तमाम एक्सप्रेसवे इससे काफी सस्ते थे. 13 जुलाई 2026 को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में इसका उद्घाटन हुआ. गडकरी ने दावा किया था कि यूपी की सड़कें अब अमेरिका जैसी बनेंगी लेकिन महज 18 दिन में यह दावा धूल में मिल गया.
पूरे एक्सप्रेसवे पर 84 जगहों पर सड़क धंस गई या पैचवर्क करना पड़ा. कानपुर की ओर जाने वाली लेन पर 39 जगह और लखनऊ की ओर आने वाली लेन पर 45 जगह मरम्मत करनी पड़ी. कुछ जगहों पर सड़क पूरी तरह धंस गई, दरारें पड़ीं और मिट्टी खिसक गई. एक ट्रक भी धंस गया और पलट गया. मरम्मत के दौरान नमी सुखाने के लिए पंखे भी लगाए गए. जनता के टैक्स की ऐसी बर्बादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए.
ग्राउंड रिपोर्ट में खराब इंफ्रास्ट्रक्चर और लापरवाही साफ दिख रही है. बारिश के पहले मौसम में ही इतनी जगह सड़क धंस गई. सब-ग्रेड, ड्रेनेज और सामग्री की जांच का ऐसा नतीजा? इतना महंगा प्रोजेक्ट इतनी जल्दी बर्बाद हो गया क्या इसकी जिम्मेदारी नितिन गडकरी लेंगे? इतनी बड़ी लापरवाही पर NHAI ने निर्माण कंपनी PNC इंफ्राटेक को नॉन-परफॉर्मर घोषित कर अपनी जवाबदेही पूरी कर ली.
कंपनी को ब्लेकलिस्ट करने की बजाय महज तीन अधिकारियों को हटा कर खानापूर्ती कर ली गई. पूरे मामले की जांच का जिम्मा IIT खड़गपुर की टीम को सौंपा गया है. अब सवाल यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही हुई ही क्यों? डबल इंजन की तमाम सरकारों में इससे पहले के लगभग तमाम इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स का हाल भी ऐसा ही रहा है.
असल में इस कंपनी के मालिक प्रदीप जैन हैं जो भाजपा राज्यसभा सांसद नवीन जैन के भाई हैं. 4700 करोड़ का प्रोजेक्ट 18 दिन में 84 जगह धंस गया लेकिन जिम्मेदारी किसी की नहीं. जांच होगी, दो साल बाद रिपोर्ट आएगी तब तक लोग भूल चुके होंगे. इस हाइवे को बनाने वाली कंपनी के मालिक प्रदीप जैन की कोई जवाबदारी नहीं. परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से सवाल करो तो वो सीधे केस करने की धमकी देते है.
योगी आदित्यनाथ से भी मत पूछो कि इतने घटिया निर्माण के लिए प्रदीप जैन की कंपनी पर बुलडोजर कब चलाएंगे? उद्घाटन के समय बड़े-बड़े दावे किए गए थे लेकिन समस्या आने पर सिर्फ तीन लोगों पर कार्रवाई हुई और मरम्मत का पैचवर्क शुरू हुआ. यह घटना बीजेपी के डबल इंजन सरकारों के डबल भ्रष्टाचार का जीता जागता उदाहरण है. Lucknow Kanpur Expressway





