Train Bedroll Theft: 2026 की जुलाई का महीना खासतौर से किस्म किस्म की और अप्रत्याशित चोरियों के लिए जाना जायेगा. तरह तरह की चोरियों के दौरान एक और अजब गजब चोरी का खुलासा हुआ. वह है ट्रेनों के एसी कोचों से बेड रोल की चोरी का जिससे साबित होता है कि चोरी के कीटाणु लोगों की रग रग में हैं. चोरी हमारा धार्मिक ही नहीं बल्कि सामाजिक संस्कार या अधिकार कुछ भी कह लें है.

हाल में ही सामने आई एक आरटीआई रिपोर्ट के मुताबिक जनबरी 2022 से लेकर मई 2026 के  दौरान देश भर की ट्रेनों के एसी कोचों से कोई 127 करोड़ से भी ज्यादा कीमत के बेड रोल आइटम चोरी हुए .वजहें कुछ भी हों इन दिनों एसी कोचों में सफर करने बालों की संख्या पहले के मुकाबले काफी बढ़ी है . एसी कोच में सफर करना जरूरत के साथ साथ शान और स्टेट्स की बात हो चली है. अपनी सहूलियत पर लोग खर्च करें यह हर्ज की बात नहीं . हर्ज की बात है एसी कोचों से तकिये, चादर, नेपकिन, पिलो कवर और कंबल तक मुसाफिरों द्वारा नहीं छोड़े जाना.

कंबल और चादर चोरों ने सबसे ज्यादा 46.54 लाख नेपकिन चुराए . इसके बाद 43.13 लाख  बेडशीट फिर 23.59 पिलोकवर और इस पर भी जी नहीं भरा तो 12.95 लाख भारीभरकम ब्लेंक्रेट को भी `भगवान का माल` समझकर ले उड़े . सबसे कम तादाद में 2.76 लाख तकिए  चुराए गए ( जाहिर है इसलिए कि उन्हें आसानी से सूटकेस में ठूंसा नहीं जा सकता ). सबसे ज्यादा चोर कहाँ इसका खुलासा करते रिपोर्ट बताती है कि बीकानेर डिविजन अव्वल है इसके बाद रांची और तीसरे नम्बर पर दिल्ली डिवीजन रहा. मुंबई के बाद पांचवी रेंक हासिल करने बाला जोधपुर भले ही अपनी मलमली रजाइयों के लिए मशहूर हो लेकिन वहां सबसे ज्यादा कंबल चोरी हुई. रिपोर्ट यह भी बताती है कि इस दौरान इस तरह की चोरियों में 56 फीसदी की बढ़ोतरी हुई. हरेंक हजार में से एक मुसाफिर बेडरोल आइटम की चोरी करता है.

एसी कोच में जो अटेंडेंट रहते है वे अक्सर गरीब घरों के युवा होते हैं . चोरी गए सामान की कीमत रेलवे ठेकेदारों के जरिए उनकी सेलरी में से वसूलता है. यानी एलीट क्लास के चोर पेसेंजर इन गरीबो की जेब काटते हैं जिन्हें 16 – 18 घंटे ट्रेन में काटते मुसाफिरों की सेवा में लगे रहना होता है . इन अटेंदेंट्स को औसतन 700 रु रोज मिलते हैं अब इनके कोच से जो भी आयटम चोरी होता है उसकी कीमत इनसे वसूली जाती है

अगर कोई एक नेपकिन चोरी करता है तो वह इन अटेंडेंटस की पगार में से 50 रु कटवा रहा होता है . एक पिलो कवर के 70, तकिए के 150, बेडशीट के 200 और कंबल के 400 रु इन अटेंडेंटस को भुगतना पड़ते हैं जो थेंक्स और टिप के हकदार होते हैं. आइये ये चोरियां जो छिछोरापन और असभ्यता है से कम से कम हम आप तो अपनेआप को दूर रखें. Train Bedroll Theft

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