Boyfriend Girlfriend Issues: मैं और मेरा बौयफ्रैंड फिजिकल रिलेशनशिप में हैं, लेकिन सैक्स के बाद वह भावनात्मक रूप से दूरदूर रहने लगता है. इस से मुझे अकेलापन महसूस होता है. मैं क्या करूं?
आप जो महसूस कर रही हैं, वह सिर्फ अकेलापन नहीं है, बल्कि भावनात्मक असंतुलन की पीड़ा है. जब किसी रिश्ते में शारीरिक नजदीकी तो हो, लेकिन उस के बाद भावनात्मक दूरी आ जाए तो मन में यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या मैं सिर्फ एक जरूरत बन कर रह गई हूं? यह सोचना आप की कमजोरी नहीं, आप की संवेदनशीलता का प्रमाण है.
हर व्यक्ति को अलग तरह से जीना है. संभव है कि आप के बौयफ्रैंड के लिए फिजिकल क्लोजनैस अपनेआप में पूरी हो जाती हो, जबकि आप के लिए उस के बाद का अपनापन, बातचीत और स्नेह ज्यादा मायने रखता हो. समस्या वहां पैदा होती है, जहां यह अंतर खुल कर कहा नहीं जाता. चुप रह कर सहते जाना धीरेधीरे आप को भीतर से खाली कर देगा.
शांत मन से, बिना आरोप लगाए, उस से यह कहना जरूरी है कि शारीरिक रिश्ते के बाद उस की दूरी आप को असुरक्षित और अकेला महसूस कराती है. यह कोई मांग नहीं, आप की भावनात्मक जरूरत है. अगर वह आप को सम?ाने की कोशिश करता है तो वह अपने व्यवहार में बदलाव भी लाएगा. लेकिन अगर वह आप की भावना को हल्का समझे या टालता रहे तो आप को खुद से यह ईमानदार सवाल पूछना होगा कि क्या यह रिश्ता आप को सिर्फ शरीर से जोड़ रहा है, दिल से नहीं.
याद रखिए इंटीमेसी का मतलब सिर्फ पास आना नहीं, पास रहना भी होता है और जिस रिश्ते में आप बारबार खुद को भावनात्मक रूप से अकेला महसूस करें, वहां ठहर कर सोचना जरूरी हो जाता है क्योंकि प्यार वह है, जो आप को भरा हुआ महसूस कराए, खाली नहीं.
आप अभी दर्द में हैं, इसलिए साफ सोचना मुश्किल है लेकिन याद रखिए आप किसी की औप्शन बनने के लिए नहीं, बल्कि किसी की चौइस बनने के लायक हैं.
मैं अपने बौयफ्रैंड से बहुत प्यार करती हूं, लेकिन हाल ही में उस की जिंदगी में एक और लड़की आ गई है. वह उस से ज्यादा बात करने लगा है और मुझ से दूरी बनाने लगा है. मैं अंदर से टूट रही हूं. मैं क्या करूं?
आप का टूटना स्वाभाविक है, क्योंकि यह सिर्फ किसी इंसान को खोने का डर नहीं, बल्कि अपनी जगह छिनते जाने का दर्द है. जब हम किसी से सच्चा प्यार करते हैं और अचानक महसूस होता है कि उस की जिंदगी में कोई और अहम होने लगा है तो आत्मसम्मान, सुरक्षा और भविष्य तीनों एकसाथ हिल जाते हैं. इस दर्द में खुद को कमजोर समझना या दोषी ठहराना ठीक नहीं है.
सब से पहले यह समझना जरूरी है कि प्यार में तीसरे व्यक्ति का आना संयोग नहीं, बल्कि संकेत होता है. यह संकेत इस बात का कि आप का बौयफ्रैंड या तो भ्रम में है या भावनात्मक रूप से स्पष्ट नहीं या फिर आप के रिश्ते को ले कर उतना गंभीर नहीं रहा. उस की दूरी आप की कमी का प्रमाण नहीं है. किसी और से ज्यादा बात करना और आप से कटते जाना उस के चुनाव हैं, आप की असफलता नहीं.
ऐसे समय में खुद को तोड़ कर, चुपचाप सब सह लेना प्रेम नहीं होता. शांत और स्पष्ट शब्दों में उस से बात करना जरूरी है आरोप नहीं, लेकिन सच्चाई के साथ. यह जानना आप का अधिकार है कि वह क्या चाहता है और आप उस के जीवन में कहां खड़ी हैं. अगर वह टालता है, भ्रम में रखता है या आप को ओवरथिंकिंग कह कर चुप कराना चाहता है तो यह भावनात्मक लापरवाही है.
सब से कठिन, लेकिन सब से जरूरी बात खुद को पकड़ कर रखना. जिस रिश्ते में आप रोज टूट रही हैं, वहां सिर्फ प्यार के नाम पर ठहरना धीरेधीरे आप को खो देगा. प्यार वह नहीं होता जिस में आप को बारबार अपनी अहमियत साबित करनी पड़े. अगर वह सच में आप का है तो वह आप को असुरक्षा में नहीं छोड़ेगा और अगर नहीं तो खुद को बचा कर निकलना हार नहीं, आत्मसम्मान की जीत है.
आप जिस घुटन को महसूस कर रही हैं, वह प्यार की कमी से नहीं, भरोसे की कमी से पैदा होती है. नौकरी करना, लोगों से बात करना और प्रोफैशनल रिश्ते निभाना आज की जरूरत है, इसे शक की नजर से देखना किसी भी रिश्ते को धीरेधीरे थका देता है. आप के बौयफ्रैंड का शक शायद उस के डर और असुरक्षा से आता हो, लेकिन यह वजह आप के हर कदम पर सवाल उठाने का अधिकार नहीं देती.
उसे समझने के लिए बहस या सफाई देने के बजाय शांत और स्पष्ट बातचीत जरूरी है. उसे बताइए कि भरोसा रिश्ते की नींव है और अगर हर बात पर जांचपड़ताल होगी तो प्यार का दम घुटने लगेगा. यह भी साफ कहें कि आप पारदर्शिता रख सकती हैं, लेकिन अपनी स्वतंत्रता नहीं खो सकतीं. रिश्ते में प्यार का मतलब निगरानी नहीं, सम्मान और विश्वास होता है.
अगर वह सच में आप को समझना चाहता है तो आप की बात सुनेगा और अपने व्यवहार पर काम करेगा लेकिन अगर शक के नाम पर कंट्रोल बढ़ता जाए तो यह आप के आत्मसम्मान और मानसिक शांति के लिए खतरे की घंटी है. याद रखिए, सच्चा रिश्ता वह होता है जहां आप खुद को साबित करने में नहीं, खुद होने में सुरक्षित महसूस करें.
मैं 25 साल की युवती हूं और मेरा बौयफ्रैंड मुझ से शादी का वादा करता है, लेकिन जब भी मैं घरवालों से बात करने की बात करती हूं तो वह टाल देता है. वह कहता है कि अभी सही समय नहीं है. मुझे डर लगता है कि कहीं वह टाइम पास तो नहीं कर रहा. मुझे क्या फैसला लेना चाहिए.
हम आप की परेशानी समझ रहे हैं. भविष्य को ले कर अनिश्चिता होना बहुत चिंता देता है. केवल वादा करना और सच में कदम उठाना-दोनों अलग बातें हैं. आप को उन से साफसाफ पूछना चाहिए कि वे शादी के बारे में कब और कैसे आगे बढ़ना चाहते हैं. उन से एक तय समय पूछें और जानें कि वे क्या तैयारी कर रहे हैं.
अगर वे ईमानदारी से अपनी वजह बताते हैं और सच में कुछ कदम उठाने को तैयार हैं तो थोड़ा इंतजार करना ठीक हो सकता है. लेकिन अगर वे हर बार बहाना बनाते हैँ और कोई साफ जवाब नहीं देते तो आप को अपने आत्मसम्मान और भविष्य के बारे में सोचना चाहिए. किसी भी रिश्ते में साफ बात और सच्ची नीयत बहुत जरूरी होती है. Boyfriend Girlfriend Issues
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