सोनाली को घूमनेफिरने का शौक बचपन से ही था. अपने दोस्तों के साथ वह शहर के आसपास के सभी पर्यटन स्थल घूम चुकी थी. मगर जब उस को एडवैंचर टूरिज्म का चस्का लगा तो वह अकेले ही ऋ षिकेश निकल गई. सुना था वहां रिवर राफ्ंटिंग में बड़ा रोमांच है. घूमने फिरने की शौकीन सोनाली ने गूगल पर रिवर राफ्टिंग की सारी जानकारी ली और कानपुर से बस पकड़ कर अकेले ही ऋषिकेश पहुंच गई. उस की बस रात 9 बजे ऋषिकेश बसअड्डे पर पहुंची.

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