लेखिका- प्रेमलता यदु

स्पीच के बाद कुछ लोगों से मिलने के उपरांत स्मिता ने जैसे ही प्लेट उठाई, पीछे से एक धीमी, चिर परिचित आवाज आई, जिसे वह वर्षों पहले भूल चुकी थी-‘‘हैलो स्मिता ‘‘.

यह सुनते ही स्मिता चैंक कर मुड़ी, तो सामने रुद्र था. वह बोला, ‘‘कैसी हो स्मिता? अब तो घर लौट आओ, प्लीज...‘‘

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