निशा किंकर्तव्यविमूढ़ मेरी ओर बड़े आदरभाव से देख रही थी. मेरे निकट आ कर उस ने मुझे गले से लगा लिया. आंसुओं को रोक पाना उस के बस में नहीं था.
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