30 जनवरी, 2018 की बात है. झारखंड के जिला हजारीबाग के थाना बड़ा बाजार के थानाप्रभारी नथुनी प्रसाद शाम के समय अपने औफिस में बैठे थे तभी एक व्यक्ति उन के पास आया. थानाप्रभारी ने उसे कुरसी पर बैठने का इशारा करते हुए आने का कारण पूछा तो उस ने बताया, ‘‘सर, मेरा नाम विनोद पाठक है.’’ मैं जयप्रभा नगर कालोनी में किराए के मकान में बीवीबच्चों के साथ रहता हूं. आज मेरी बीवी अन्नू पाठक सुबह किसी काम से बाहर गई थी. वह अभी तक नहीं लौटी है. मैं ने अपने स्तर पर उसे सब जगह तलाशा लेकिन उस का कहीं पता नहीं चला. मैं बहुत परेशान हूं, प्लीज मेरी मदद कीजिए.’’

‘‘क्या? बीवी कहीं चली गई?’’ नथुनी प्रसाद आश्चर्य से बोले, ‘‘पर कहां चली गई?’’

‘‘नहीं जानता सर, कहां चली गई.’’ विनोद बोला.

‘‘कहीं पत्नी से झगड़ा वगैरह तो नहीं हुआ था. जिस से वह नाराज हो कर कहीं चली गई.’’ थानाप्रभारी ने पूछा.

‘‘नहीं सर, ऐसी कोई बात नहीं है. मेरे और पत्नी के बीच कोई झगड़ा नहीं हुआ था.’’ विनोद ने बताया.

‘‘एक काम करिए. पत्नी की गुमशुदगी की एक तहरीर लिख कर दे दीजिए. मैं दिखवाता हूं कि मामला क्या है?’’ थानाप्रभारी ने कहा.

‘‘मैं एक दरख्वास्त लिख कर लाया हूं सर.’’ थानाप्रभारी की ओर एक पेपर बढ़ाते हुए वह बोला.

थानाप्रभारी ने उस की दी हुई दरख्वास्त पर एक नजर डाली और वह मुंशी को गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए दे दी. इस के बाद उन्होंने विनोद को आश्वस्त कर घर जाने के लिए कह दिया.

पत्नी की गुमशुदगी की सूचना दे कर विनोद पाठक जैसे ही थाने से निकल कर कुछ दूर गया होगा. तभी एक गोरीचिट्ठी, बेहद खूबसूरत लड़की जिस की उम्र यही कोई 16-17 साल के करीब रही होगी. थानाप्रभारी के पास पहुंची. उस के साथ मोहल्ले के कई संभ्रांत लोग भी थे.

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