यह धारणा अब टूट जानी चाहिए कि नौकरियों के लिहाज से देश के आईआईटी संस्थान पढ़ाई की सर्वश्रेष्ठ जगहें हैं. वजह यह है कि इस वर्ष यहां चले कैंपस हायरिंग के लंबे दौर के बाद इन के जरिए मिलने वाली नौकरियों की संख्या और पैकेज, दोनों में भारी गिरावट दर्ज की गई है. इस दफा 1 करोड़ रुपए से ऊपर के वेतन की नौकरियों के औफर्स पाने वाले छात्रों की संख्या 2014 के मुकाबले 50 फीसदी घट गई है.

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