नोटबंदी की मार सबसे अधिक दुकानदार झेल रहा है. ग्राहक के पास पैसे नहीं है. वह केवल बहुत जरूरी चीजों पर ही पैसा खर्च कर रहा है. ऐसे में होटल, जनरल मर्चेन्ट, चाटपूरी के ठेले वाले, पत्रिकाओं और मिठाईयों सबका कारोबार ठप्प है.

नकदी की कमी से नोटबंदी के बाद लोगों की खरीदारी काफी प्रभावित हुई है. बड़े दुकानदारों का भी कारोबार प्रभावित हुआ है. इसमें ज्वेलरी कारोबार, साड़ी, कपड़े और जूतों की दुकाने प्रमुख हैं. लखनऊ सर्राफा एसोसिएशन के विनोद माहेश्वरी कहतें है, जो कारोबार प्रभावित हुआ है उसे पटरी पर आने में देर लगेगा. यह जरूरी नहीं है कि पूरा कारोबार पहले जैसा हो जाये. यह पूरे देश के सर्राफा कारोबार की हालत है. शादी के सीजन के समय भी आभूषण की खरीदारी नहीं हो सकी.

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