विश्वभर में हिंसा का रंग और सुर्ख हो रहा है. अमेरिका, आस्ट्रेलिया, कनाडा, फ्रांस से ले कर भारत तक कुदरती इंसानी रंगों की आपसी नफरत और गहरी होती जा रही है. ग्रेटर नोएडा में नाइजीरियाई छात्रों के साथ हुई हिंसा से भारत की वर्ण, रंगभेदी सोच उजागर हुई है.

मामले की गूंज सोशल मीडिया से ले कर भारतीय संसद और अफ्रीकी देशों तक पहुंच गई. अफ्रीकी देशों ने नाइजीरियाई छात्रों पर हुए हमले को नस्लभेदी हमला करार दिया है. अफ्रीकी राजदूतों के समूह की बैठक में हमले को विदेशियों से घृणा और नस्लवादी सोच से युक्त बताया गया. हालांकि विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने जांच के आदेश दे दिए पर सरकार इसे नस्लीय हमला मानने को तैयार नहीं है.

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