उत्तर प्रदेश के भगवाधारी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अपने पहनावे, रहनसहन और विचारों से भले ही आधुनिक संस्कृति का विरोध करते नजर आते हों, पर सरकार की कार्यशैली को वह ‘कारपोरेट रंग’ में रंग देना चाहते हैं. मुख्यमंत्री खुद भले ही भगवाधारी हों, पर अपने कर्मचारियों को वह ड्रेस कोड में देखना चाहते हैं. जींस और टीशर्ट के साथ सैंडल पहनने से मनाही कर दी गई है. धूम्रपान मना है. समय से आफिस आना जाना है. सरकार इस प्रयास में है कि कर्मचारियों की उपस्थित को बायोमैट्रिक किया जाये. देखने में यह बदलाव जितना सुखद है हकीकत में यह बदलाव इतना सरल नहीं है.

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