आम चुनाव से पहले सरकार खुद के दामन में लगे महंगाई व  भ्रष्टाचार के दागों को धोने के लिए भले ही भूमि अर्जन विधेयक का सहारा ले रही हो, लेकिन इस प्रस्तावित कानून के प्रावधानों से भूमिहीनों और गरीब किसानों को जमीन व संपत्ति वितरण व्यवस्था के मामले में बड़ी राहत मिलेगी, बशर्ते नौकरशाही और कानूनी दांवपेंच  अड़ंगा न डालें. पढि़ए जगदीश पंवार का लेख.

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