नारायण-नारायण... नारदमुनि रोहरा नंद के साथ आकाश मार्ग में भ्रमण कर रहे हैं उन्होंने सुखद,शीतल वायुप्रवाह के आनंदतिरेक में कहा,- भारत भूमि में बाबाओं द्वारा- भोले-भाले लोगों को ठगा जा रहा है! बड़ा अनर्थ हो रहा है.

रोहरानंद ने आकाश से नीचे, धरा की और उचटती निगाह डाल हाथ जोड़कर कहा,-मुनिवर ! कम से कम आप तो ऐसा न कहें! यह सब आपके मुंह से शोभा नहीं देता.

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